Andaman and Nikobar trip

SHARE:

 अंडमान निकोबार यात्रा का वर्णन  अंडमान निकोबार जाने का सपना हर आदमी का होगा और होगा भी क्यों नही ? सुंदर समुद्र तट , चमकीला और नीला आसमान औ...

andaman nikobar trip


 अंडमान निकोबार यात्रा का वर्णन 

अंडमान निकोबार जाने का सपना हर आदमी का होगा और होगा भी क्यों नही ? सुंदर समुद्र तट , चमकीला और नीला आसमान और नीचे नीले रंग का समुद्र , हरा भरा द्धीप , कम जनसंख्या , ना के बराबर प्रदूषण और क्या चाहिये । यही सब चीज तो हैं जो हमें अपने यहां पर नही मिलती हैं । मैने वैसे अंडमान निकोबार यात्रा के बारे में पहले नही सोचा था । कारण वही है जो मेरे साथ ही नही बल्कि ज्यादातर लोगो के साथ होता है ।

एक तो अंडमान निकोबार दूर बहुत है । दूसरी बात दूर कितना भी हो पर मेन लेड यानि मुख्य भूमि से जुडा होता तो वाहन या ट्रेन आदि से जाने में आसान और किफायती होता पर अब केवल दो ही रास्ते हैं । एक पानी के जहाज से और एक हवाई जहाज से । पानी के जहाज से मुझे याद आया कि मेरे ताउजी की लडकी के पति का पोस्टिंग अंडमान में हुआ था और वो वहां पर कई साल तक रहे थे । उनके वहां पर रहने के दौरान उन्होने कई बार हमें न्यौता दिया कि आ जाओ और घूम जाओ पर हमने उनका न्यौता कभी स्वीकार नही किया । तब भी अंडमान निकोबार यात्रा में  पानी के जहाज का एक ओर का खर्च उन्होने करीब 3 हजार रूपये बताया था । बस अपनी तो इच्छा यहीं पर खत्म हो गयी थी । तीन हजार में तो उस समय कितनी सारी जगह घूम सकते थे ।

दूसरी बात ये कि जब वे वहां पर थे तो उसी समय अंडमान निकोबार में  सुनामी आयी थी और उनके घरवालो के साथ साथ हम भी न्यूज पर वहां के हालात देखा करते थे । बाद में सकुशल बचने पर यहां पर आकर बहन ने बताया कि हम तो छत पर रहे कई दिन तक और खाने के पैकेट जो कि हैलीकाप्टर से गिराये गये उन्हे खाकर ही जिंदा रहे । उनके इस वृतांत ने हमारी तो अंडमान निकोबार यात्रा पर जाने की इच्छा को ठंडे बस्ते में ही डाल दिया ।

andaman nikobar trip

andaman nikobar trip


अपने एक मित्र हैं राजेश सहरावत जी जिनके साथ मै एक बार यात्रा कर चुका हुं मणिमहेश की और उनकी बार बार इच्छा रहती थी कि एक यात्रा और की जाये । संदीप पंवार उर्फ जाट देवता के साथ उनका दूसरा मौका लगा पाताल भुवनेश्वर जाने का उनकी वैगनआर कार से पर मै नही गया क्योंकि मै कुछ दिन पहले ही गया था वहां पर । इस बार उन्होने जिद  की  जब वे कहते  रहे तो मैने संदीप भाई से बात की । मेरा राजेश जी से परिचय संदीप भाई के माध्यम से ही हुआ था । संदीप भाई ने कहा कि जब वो इतने प्रेम से आग्रह कर रहे हैं तो उनके साथ एक और टूर पर चलते हैं  लो । 

राजेश जी का आग्रह मेरे और संदीप भाई दोनो के लिये था इसलिये मैने उनसे ही पूछा कि आप कहां पर घूमना चाहते हो तो उन्होने एक ही जगह का नाम लिया कि अंडमान निकोबार , मैने भी कोई ज्यादा अगर मगर नही की और राजेश जी को बता दिया कि अंडमान निकोबार  घूम सकते हैं । उन्होने एकदम कहा कि आप नेट पर चेक कर लो  मैने नेट पर चेक किया तो पता चला कि पोर्ट ब्लेयर का एक साइड का टिकट करीब 11 हजार रूपये का है । आना जाना 22 हजार और तीन जनो का 66 हजार । इतने में तो थाईलैंड का पैकेज मिल जाये जिसमें खाने पीने से लेकर सब कुछ होगा । पर संदीप जी नही माने कि नही अंडमान का ही मन है मेरा तो फिर मेरा पासपोर्ट ही नही बना हुआ है ना संदीप भाई का और हम टिकट बुक करा लें और तब तक ना बन पाये तो फिर दिक्कत हो जाती क्योंकि बहुत से लोगो का तो एक साल भी लग जाता है ।

अंडमान जाने के लिये पासपोर्ट की कोई जरूरत नही थी पर अंडमान निकोबार का किराया यानि महंगे टिकट को देखकर दिल बैठा जा रहा था ।  मैने कुछ दिन बाद का देखा तो कुछ सस्ता हुआ । मैने जून के महीने में देखा तो सबसे सस्ता अंडमान निकोबार का किराया गो एयर का था एक ओर से 5200 रूपये का यानि एक तरफ के पैसे में दो तरफ की यात्रा के बराबर  

जून में अभी तीन महीने का समय था और जून में मेरी एक महीने की छुटटी भी होती है इसलिये छुटटी की कोई समस्या नही होती है तो जून में मैने टिकट के रेट राजेश जीऔर संदीप भाई  को बता दिये । उन्होने खट से अपने हिस्से के  रूपये मेरे खाते में डलवा दिये कि टिकट करवा लो और हमें बता देना ।

ये गजब का तजुर्बा था जो मैने अबसे पहले नही किया था । मैने तो अब तक हवाई सफर भी नही किया था । मैने इंटरनेट पर मेक माई ट्रिप और यात्रा डाट काम दोनो पर देखा तो दोनो पर सबसे सस्ता गो एयर का ही टिकट था और दोनो पर बराबर रेट थे इसलिये मैने पहले मेकमाईट्रिप से करना चाहा पर उसमें कुछ तकनीकी समस्या आई तो मैने यात्रा डाट काम पर ट्राई किया । इसी बीच मेरे पास यात्रा वालो के कस्टमर केयर से काल आई कि सर हम आपकी सहायता करेंगें टिकट बुक करने में । मै हैरान था कि वे रियल टाइम देख रहे हैं कि कौन हमारी साइट पर क्या कर रहा है । मै नेट बैंकिंग से बुक करना चाहता था पर उससे नही हो पाया तो डेबिट कार्ड से बुक किया और तीनो लोगो के 16 जून से 24 जून तक के कन्फर्म टिकट बुक हो गये आने जाने के ।

मैने कई बार जाट देवता से पूछा तो उन्होने बताया ही नही कि कितने दिन का टूर ठीक रहेगा इसलिये मैने अपने मन से ही आठ दिन का बुक कर दिया ।लेकिन सब कुछ हमारे हाथ में नही होता है इसलिये जो हमने सोचा था ऐसा नही हुआ और पहली जून के लगभग मेरे पास मेल आयी जिसे देखकर पैरो तले जमीन खिसक गयी । मेल में सूचना थी कि आपकी फलाइट कैंसिल हो गयी है और आप कस्टमर केयर पर बात कर लें । मेल गो एयर वालो की ओर से थी । मैने कस्टमर केयर को फोन मिलाया तो उन्होने बताया कि सर किसी खास कारण की वजह से हमारी पोर्ट ब्लेयर की सभी उडान कैंसिल हो गयी हैं और हम इसमें कुछ नही कर सकते हैं आपका पैसा पूरा का पूरा जल्दी ही आपके खाते में जमा हो जायेगा ।

बडी अजीब बात थी । मैने उनसे पूछा कि आप किसी और उडान में हमें टिकट दे दो पर उन्होने बताया कि कोई उडान उपलब्ध नही है । आप चाहो तो बैंगलूर आदि किसी जगह का टिकट ले लो । मैने अन्य साइट पर क्लिक किया तो पता चला कि जो रेट पहले थे वही रेट पर अब भी दूसरी कंपनी की उडान मिल सकती है पर इस रेट पर तो नामुमकिन है । मैने कस्टमर केयर वालो को खूब लताडा पर उन्होने कोई जबाब नही दिया ।
निराश मन से मैने जाट देवता को बता दिया कि ऐसे हो गया है  इंतजार करने लगा कि एक बार वो पैसा वापस करें तो सालो पर उपभोक्ता फोरम में मुकदमा करूंगा । पहले सस्ती स्कीम बताकर टिकट बुक कर लो और उसके बाद उडान कैंसिल करके लोगो का पागल बना दो ।

andaman nikobar trip

andaman nikobar trip


दस दिन के बाद मैने एक बार और बात करने का फैसला किया । पहले गो एयर की साइट चैक की तो उनकी साइट पर चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर की उडाने थी पर दिल्ली से नही थी । हमारी उडान दिल्ली से चेन्नई और चेन्नई में आधे घंटे रूककर पोर्ट ब्लेयर जाने वाली थी । एक तरह से सीधी कह सकते थे ।

जिस बंदे से मेरी बात हुई उसने मुझे काफी देर होल्ड पर लटकाकर रखने के बाद बताया कि सर एक विकल्प है अगर आप चाहें तो ? मैने पूछा क्या तो उसने बताया कि दिल्ली से मुम्बई, मुम्बई से चेन्नई , चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर होकर अर्थात दो स्टाप लेकर हम आपको वही उडान दे सकते हैं । मै इतने सस्ते टिक्ट छोडने के मूड में नही था इसलिये बाकी बात सुने बिना मैने हां कर दी कि ऐसे ही कर दो ।

कस्टमर केयर वाले बंदे ने खट से उसी पी एन आर पर हमारे टिकट कर दिये और हम एक बार फिर से अंडमान के नाम की तैयारी में लग गये । पर इस सबमें मैने एक खेल कर दिया था । असल में जब टिकट बुक कराये तो मैने अंडमान के बारे में कुछ खास नही पढा था । जब जाने की ही नही सोची थी तो रिसर्च तो की ही नही थी । जब टिकट बुक हो गये तो आदत से मजबूर होकर कभी कभार अंडमान के बारे में सर्च कर लेता । वहां पर देखने वाली जगहो की एक लिस्ट बना ली । यहां पर द्धीप ज्यादा हैं और उनमें से कई पर देखने जाना होता है तो इस लिस्ट और अन्य कई टूर प्लान के हिसाब से वहां पर आम पर्यटक बस पोर्ट ब्लेयर और हैवलाक जाकर वापस आ जाते हैं । ये वो लोग होते हैं जो कि चार या पांच दिन की छुटिटयां बिताने वहां पर जाते हैं । उनके पास पैसे की कोई कमी नही होती और वे यहीं से पैकेज बुक कराकर जाते हैं ।

दूसरे वे लोग होते हैं जो अपने पैसे की सही वैल्यू निकालने के लिये जब इतना खर्च करके जाते हैं तो फिर ढंग से करीब आठ या दस दिन वहां पर घूमकर आते हैं । इससे वे काफी जगहो को देख पाते हैं । तीसरे वे लोग होते हैं जो घुमक्कड होते हैं और पैकेज वगैरा की बजाय सार्वजनिक साधनो में घूमकर पैसे भी बचाते हैं और सबसे अच्छी तरह से अंडमान को महसूस करते हैं । वे पन्द्रह से बीस दिन लगाते हैं । मै इतने दिन दे सकता था पर जाट देवता या राजेश जी शायद तैयार ना होते ।

फिर अंडमान निकोबार का किराया कम से कम खर्च हवाई जहाज का बीस हजार का है उसके बाद अगर आप दस दिन रहे तो पैकेज वाले कम से कम बीस हजार और लेंगें । इतने पैसे भी लगायें और ढंग से ना घूमें तो क्या फायदा पर मैने जो आठ दिन की बुकिंग करायी थी वो अब कम लगने लगी थी । इन आठ दिन में हमें कई जगहे छोडनी पडती इसलिये मैने एक बार बीच में कस्टमर केयर वालो से बात भी की तो उन्होने बताया कि आपको ये टिकट की तारीख में बदलाव करने के लिये इसे कैंसिल करना होगा जिसमें एक बंदे का कैंसिलेशन चार्ज 1500 है यानि तीन बंदो का 4500 और वापसी का मिलाकर नौ हजार रूपये भाड में जाना है । यहां तक होता तो ठीक था पर इसके बाद दूसरी बात ये थी कि आप उस रेट में टिकट बुक नही कर पाओगे जिसमें किये हैं बल्कि आपको नये और ताजा रेट यानि 22000 रूपये प्रति व्यक्ति करना होगा ।

मै चुप रह गया । लेकिन जब कस्टमर केयर वाले से बात हो रही थी उडान के दो स्टाप लेकर अपनी यात्रा जारी रखने की तो मैने उससे पूछा कि इस बार आप तारीख वही रखेंगें जो हमने बुक की थी या हम नयी तारीख दे सकते हैं । इस पर उन्होने कहा कि आप जो तारीख चाहे दो मै देख लेता हूं । मैने उसे इस बार 19 जून जाने की और 30 जून आने की तारीख दी तो उसने देखकर बताया कि इन दोनो तारीख में टिकट उपलब्ध हैं । मैने फाइनल करने को कहा और उसने कर दिया । ये छोटा सा खेल मैने कर दिया और इस तरह हमारे नौ हजार रूपये और बच गये देखा जाये तो ।

मैने एक वेबसाइट स्टेजिल्ला से अपने जाने के दिन यानि 16 जून का और वापसी 24 जून का होटल भी बुक कर दिया था पोर्ट ब्लेयर में क्योंकि इन दोनो दिन हमारा हर हालत में पोर्ट ब्लेेयर में रूकना पक्का था पर जब उडान कैंसिल हो गयी तो मैने वे बुकिंग कैंसिल करा दी । इसके बाद अब नयी उडान होने पर मैने फिर से उसी साइट पर उसी होटल में इस बार एसी रूम की फिर से बुकिंग कर दी । इस बार ये तारीख 20 जून और 29 जून थी यानि प्रस्थान और आगमन की । तो इस तरह से हमारा ये कार्यक्रम बना ।

rohini east metro station delhi
me at rohini east metro




























पहली बार हवाई सफर करने जा रहा था इसलिये थोडा सोचना भी पड रहा था । कई लोगो से जानकारी ली । फेसबुक वालो को भी परेशान किया । हमें अपनी उडान में दो बैग् ले जाने की इजाजत थी । एक बैग जिसे लगेज या चेक इन बोलते हैं । इस बैग को सामान में डाल दिया जाता है । इसका ज्यादा से ज्यादा वजन उडान कम्पनी ने 15 किलो तय किया हुआ था । इसके अलावा एक छोटा बैग जिसे कैरी इन या फिर हैंड बैग बोलते हैं इसका वजन अधिकतम सात किलो हो सकता है । मैने कुछ दिन पहले ही नया बैगपैक खरीदा था उसका उदघाटन भी करना सोच रहा था पर मै उसके अंदर पडी लोहे के फ्रेम से चिंतित था कि कहीं ये वजन ना बढा दे । फिर भी उस बैग को ना ले जाना मूर्खता होती क्योंकि उस बैग् में सारा सामान आराम से आ सकता है ।

मैने सारा सामान रखने के बाद बैगपैक का वजन किया तो वो कुल साढे छह किलो था और हैंड बैग् का कुल ढाई किलो । हैंड बैग में कैमरा , चार्जर , फोन व उसके चार्जर , शेविंग मशीन और उसका चार्जर , दवाईयां , पोंछू, चश्मा , एड्रेस प्रूफ की आई डी व उनकी फोटोस्टेट आदि जरूरी और छोटे सामान थे ।

बडे बैग में तीन लोअर , दो जींस , चार शर्ट , दो टी शर्ट , दो शार्टस , मोजे , इनरवियरस , जूते आदि सामान थे ।
चलने से पहले एक बार राजेश जी ने पूछा कि खाने पीने के लिये कुछ ले चलूं मैने मजाक में बोल दिया कि काजू और बादाम लेते आना । वो तो सच में एक एक किलो बादाम और काजू के साथ साथ नमकीन के चार पांच पैकेट और परांठे बनवाकर लेते आये । हमें तो इसके बाद कुछ ले जाने की जरूरत ही नही थी ।

गो एयर वालो ने हमें उडान तो दे दी थी पर वो इतनी ढंग से दी कि जिंदगी भर याद रहेगी । उन्होने हमें पहले दिल्ली से मुम्बई की उडान दी और मुम्बई में रात को बारह बजे उतारने के बाद अगली उडान मुम्बई से चेन्नई के लिये सुबह पोने छह बजे थी । इस बीच में कई घंटे समय था । हमने भी सोच लिया था कि सोयेंगे तो नही बल्कि मुम्बई घूमेंगें । हम आज रात दस बजे बैठकर पोर्ट ब्लेयर में कल सुबह दस बजे उतरने वाले थे यानि पूरे बारह घंटे लगने वाले थे । अब सस्ता टिकट लिया है तो कुछ तो झेलना भी पडेगा ।

रात के साढे दस बजे की उडान होने के बावजूद मै घर से चार बजे निकल पडा और लगभग पांच बजे वैशाली मैट्रो स्टेशन पर पहुंचा । यहां से मै नयी दिल्ली उतरकर मैट्रो लेता पर राजेश जी का फोन आया कि रोहिणी ईस्ट पर मिलेंगें । वो अपनी गाडी अपने लडके मोहित के साथ लेकर आ रहे थे । मुझे एक घंटा और लगा रोहिणी ईस्ट तक जाने में और वहां पर जाट देवता खडे मिले । पन्द्रह मिनट बाद राजेश जी भी गाडी लेकर आ गये । उसके बाद उनकी गाडी में बैठकर हम एयरपोर्ट गये ।


एयरपोर्ट तक पहुंचने में हम रास्ता भी भटके पर फिर भी पूछते पूछते पहुंच ही गये । वैसे आफलाइन मैप एप्लीकेशन भी ठीक ठाक काम कर रही थी । एयरपोर्ट पर हमने सामान उतारकर और गाडी वापस भेजकर अंदर प्रवेश किया । यहां पर सुरक्षाकर्मियो ने हमाारी आई डी टिकट के साथ मिलाकर हमें अंदर जाने दिया । उसके बाद हम गो एयर के काउंटर पर गये और वहां पर हमारे लैगेज वाले बैग का वजन किया जो कि तीनो का 27 किलो ही हुआ जबकि हम नियम से 45 किलो तक ले जा सकते थे । यहां से हमें बोर्डिंग पास दे दिये गये वो भी तीनो उडान के । इसके बाद हमारी और छोटे हैंडबैग की चैकिंग हुई और हम अंदर प्रवेश कर गये ।

इंदिरा गांधी हवाई अडडा बडा सुंदर और भव्य बनाया हुआ है । यहां पर काफी सारी दुकाने और रैस्टोरैंट भी हैं । अंदर शापिंग का काफी सामान है । समय बिताने के लिये अच्छा साधन है । मै चार बजे का चला हुआ था इसलिये मुझे तो भूख लग रही थी इसलिये राजेश जी से परांठे मांगे और खा लिये । बाकी दोनो को अभी भूख नही लगी थी ।
jaat devta

Rajesh sahrawat


IGI Airport t3

IGI Airport t3

गो एयर का नाम सुनो तो बुरा सा लगता है क्योंकि इसके किराये सस्ते होते हैं तो हमारे दिमाग की मानसिकता है कि सस्ता है तो बेकार ही होगा पर ऐसा जरूरी भी नही है । नयी एयरलाइन है और बिलकुल नये जहाज हैं । बढिया नयी एसी गाडियो में हम जहाज तक पहुंचे । हमारी सीट जहाज के मध्य से थोडा पीछे की ओर थी । 30 लाइनो में से 22 वी लाइन में थे । मुझे विंडो सीट मिली थी ।

रात का समय था इसलिये दिल्ली शहर का नजारा तो दिखना ही था । संदीप भाई ने बोल दिया कि जाते समय ये सीट तुम्हारी और आते समय मेरी होगी । दिल्ली में रनवे पर जाने से पहले भी विमान काफी देर तक चलता रहता है । जब रनवे पर जाता है तभी एकदम से पूरी जान लगा देता है उडने के लिये ।

उडने से पहले ही विमान में सुंदर सुंदर एयर होस्टेस आ गयी थी । पहले तो उन्होने सबकी सीट बेल्ट देखी और फिर तीनो ने डेमो दिया कि किस तरह से सीट बेल्ट बंधती है और किस तरह से हवा का दबाव कम होने पर उपर से मास्क खुद निकलकर आ जाता है जिसे मुंह पर लगाकर आप सांस ले सकते हो । उनकी एक बात जो कि रिकार्डिड बोली जाती थी वो बडी अच्छी लगी कि दूसरो की मदद करने से पहले अपना मास्क सही तरीके से लगाऐं । उसके बाद उन्होने बताया कि लाइफ जैकेट जो कि विमान की सीट के नीचे होती है उसे कैसे पहनना है और कैसे फुलाना है ।

रनवे पर जब जहाज उडा तो मुझे बडे झूले जैसा लगा । 45 सैकेंड में जहाज उड चुका था और उपर की ओर ही जाये जा रहा था । वैसे तो सब ठीक था पर जब जहाज ने बादलो मेें एंट्री मारी तो घडघड की आवाज हुई और जहाज काफी हिला । राजेश जी को उसी वक्त काफी डर लगा । वो कुर्सी के हत्थे को जोर से पकडकर बैठ गये जैसे कुर्सी को हत्थे से पकडने से अगर कुछ होता हो तो वो नही होगा ।

दिल्ली शहर का नजारा बडा बढिया था । रात के समय किसी शहर को उपर से देखना बडा मजेदार होता है । मै तो पहली बार हवाई यात्रा कर रहा था और पहली ही बार में विंडो शीट पर था । इसलिये अपने आने या जाने के दौरान मुझे नींद ही नही आयी । बाहर से बहुत नींद आती थी पर जैसे ही प्लेन में बैठते थे तो नींद की बजाय नीचे की ओर देखने की ललक ज्यादा रहती थी । प्लेन के बादलो में पहुंचते ही उसके पार जाकर जब विमान स्थिर हो गया तो एयर होस्टेस यानि विमान परिचारिकाऐं वेटर बन गयी ।

अब वे ट्राली लेकर खाने पीने का सामान बेचने लगी । उनमें से एक बहुत ज्यादा सुंदर थी । मेकअप तो उन्होने खैर खूब कर ही रखा था तो बात करने के लिये हमने एक एक कोल्ड ड्रिंक की केन ली जो कि बाजार में 30 रूपये की आती है पर यहां पर वो 60 रूपये की

जहाज की कंडीशन तो नयी थी और सब कुछ बढिया था पर सीटींग जो थी वो प्राइवेट बसो जैसी थी जिसमें जगह बचाने और कुर्सी की संख्या ज्यादा से ज्यादा करने के चक्कर में सीटो को इतना मिलाकर बनाते हैं कि तीन सीटो में से एक का यात्री भी उठना चाहे और निकलना चाहे तो बाकी दोनो को भी खडा होना पडता है अपनी सीट से । बस यही हाल था और कमी भी यही थी ।

mumbai night with vishal rathod

mumbai night with vishal rathod

mumbai night with vishal rathod

आगे की साइड में गो बिजनेस क्लास की सीट थी । हो सकता है कि वो थोडा और बढिया कंडीशन में हों । जहाज ना ज्यादा बडा था और ना ही छोटा क्योंकि इसमें कुल 180 सीट थी । एक बार जब बादलो के पार हो गया तो अब नीचे की लाइट वगैरा दिखनी बंद हो चुकी थी क्योंकि अब तो बादलो के उपर थे हम । जाने के पूरे दिन यानि अगली सुबह तक भी मौसम सुहावना तो रहा पर इसका एक साइड इफैक्ट ये भी था कि मौसम में धुंधलका सा रहता है । इससे फोटो ज्यादा अच्छे नही आ पाते हैं । सूरज रहता है तो फोटो में रोशनी खूब आती है भले ही सूरज दिखने से गर्मी ज्यादा बढ जाती हो

जहाज में बैठते ही हमने फोन एयरप्लेन मोड पर कर लिया था । दिल्ली से मुम्बई का सफर दो घंटे में पूरा हो गया और हमने मुम्बई में लैंड किया । लैंड करने से पहले जब जहाज ने उंचाई से नीचे आना शुरू किया तो धीरे धीरे जो नीचे आया वो धरती पर पहिये टिकने से ज्यादा रोमांचक था । जब भी जहाज को नीचे किया जाता तो पेट में वही गुदगुदी होती जो बडे झूले में नीचे आते समय होती है । लैंडिंग में मुझे ज्यादा खास बात नही महसूस हुई और कोई झटका लगने जैसी भी बात नही थी ।

मुम्बई एयरपोर्ट पर रात के साढे बारह बजे हम उतरे तो फोन आन करके विशाल राठौड जो कि मुम्बई से अपने मित्र और ब्लागर हैं उन्हे फोन लगाया । जिंदादिल बंदा रात के इस समय भी मिलने के लिये वहीं पर मौजूद था । बाहर निकलते ही हमें विशाल मिला तो उससे गले मिलकर हम बाहर निकले । राजेश जी देखकर हैरान थे कि रात के साढे बारह बजे कोई मिलने और घूमने के लिये आया है ।


mumbai at night

mumbai at night


मुम्बई में एयरपोर्ट से बाहर काफी दूर तक हमें विशाल पैदल ले गया । उसका मानना था कि आगे जाकर टैक्सी पकडेंगें । एयरपोर्ट के पास ही एक फलाईओवर के पार से हमने टैक्सी पकडी और 60 रूपये में हम चारो जुहू चौपाटी से कुछ पहले जा पहुंचे । एयरपोर्ट से जूूहू बीच तक का रास्ता करीब 5 किलोमीटर पडा और यहां पर मीटर के हिसाब से ही टैक्सी वाले चलते हैं जो कि टैक्सी का किराया पहले एक किलोमीटर का 19 रू और आटो का 15 रूपये है । रात के समय ये बढकर आटो का 19 और टैक्सी का 23 रूपये हो जाता है । एक किलोमीटर पूरा होने के बाद अगले किलोमीटर से रूपये घटते जाते हैं ।

रास्ते में विशाल ने हमें रेखा का बंगला और अमिताभा का प्रतीक्षा बंगला भी दिखाया । हम जहां बीच के पास उतरे वहां पर रात पूरी तरह जवान थी और ग्राहको का इंतजार कर रही थी । भंवरे भी तितलियो के पास मंडरा रहे थे । उन्हे अनदेखा करके हम आगे बढे तो रात के अंधेरे में सागर की लहरो के शोर को सुनकर बढिया लगा । थोडी दूर चलते ही हम प्रसिद्ध चौपाटी पर पहुंच गये । वैसे मै और जाट देवता पहले भी मुम्बई के इस स्थान पर आ चुके थे और वो भी दिन में जब यहां पर भीड भाड बहुत रहती है । हमारी अगली उडान में चार घंटे का समय था और हम इस समय का उपयोग करना चाहते थे इसलिये यहां पर घूम रहे थे ।

इस समय ज्यादा भीड नही थी और रात का डेढ बजा था । परिवार वालो के साथ साथ युगल भी काफी संख्या में थे और हमारे पहुंचने के दस मिनट बाद ही पुलिसवालो ने उन सबको समेटना शुरू कर दिया । थोडी देर में ही बीच खाली हो गया । पर हम अब भी डटे थे और विशाल ने यहां की प्रसिद्ध चीजो में से एक गोला खाने की इच्छा की । मैने और संदीप भाई ने भी हां कर दी । राजेश जी इच्छुक नही थे । एक गिलास में काला कोका कोला जैसा और दूसरे में नारंगी फैंटा जैसा रस और बर्फ का गोला आइसक्रीम की तरह डंडी पर लिपट बर्फ , हम तो बच्चे बन गये थे । काफी देर तक उसे चूसने के बाद हमने फिर से टैक्सी पकडी । इस समय मुम्बई की सडके खाली थी और टैक्सी हमें मनचाहे स्थान तक पहुंचा देती थी कम ही समय में जबकि दिन में इन सडको पर जाने में समय का कोई पता नही है ।

यहां से विशाल हमें मुम्बई बांद्रा वर्ली सी लिंक ले गया पर दुर्भाग्यवश इस समय उसके तारो में लाइट नही जल रही थी वरना वो बहुत सुंदर दिखायी देता है । उस पर केवल स्ट्रीट लाइटे ही जल रही थी । हमने कुछ देर तक वहां पर फोटोग्राफी की और उसके बाद वापस चल दिये । अब हम फिर से मुम्बई एयरपोर्ट के लिये चल पडे । एयरपोर्ट पर आकर राजेश जी ने कहा कि उन्हे तो नींद आ रही है इसलिये वो तो अंदर जाकर कहीं सोना चाहते हैं तो उन्हे जाने दिया । उसके बाद मै , संदीप और विशाल राठौड एयरपोर्ट के बाहर बैठकर बाते करने लगे । भूख लगी तो याद आया कि परांठे तो राजेश जी के बैग् में हैं और वे अंदर की ओर हैं तो हमने बाहर एक दुकान से बडा पाव खाया । यहां पर बडा पाव 30 रूपये का मिला और वो भी कोई खास नही था जबकि वापसी में हमने जूहू बीच पर फिर से गये और बडा पाव खाया तो वहां पर 20 रूपये में इसे बडा मिला ।

काफी देर तक हम बात करते रहे पर उसके बाद नींद हमें भी सताने लगी । फिर पोने छह बजे उडान का समय भी था इसलिये विशाल को वापस भी जाना था तो हम पहले उसे छोडने के लिये पार्ले स्टेशन जो कि एयरपोर्ट से दस मिनट की दूरी पर था वहां पर गये । यहां पर विशाल ने टिकट खरीदा अपने घर के लिये और हमसे विदा ली । हमने भी उसे छोडने के बाद वापस 30 रूपये देकर आटो से एयरपोर्ट के लिये आटो कर ली ।

एक घंटा पहले हमने अंदर प्रवेश किया । हमारे पास सामान के नाम पर हमारे हैंड बैग् ही थे क्योंकि हमारा वजन वाला बैग् तो पोर्ट ब्लेयर के लिये बुक हो चुका था । राजेश जी को भी जगाया और ठीक पोने छह बजे हमारा जहाज चेन्नई के लिये उडान भर चुका था ।


mumbai at night

mumbai at night

mumbai at night


mumbai at night

मुम्बई से विमान उडा तो सुबह का धुंधलका तो था ही था पर मौसम भी साफ नही था । सूरज तो निकला ही नही हां बादलो के उपर जाकर सूरज जरूर निकला मिला । कैसी बकवास बात कर रहा हूं । बादल ही तो बीच में अडते हैं जब वे ही नही रहे तो सूरज को कौन दिखने से रोकेगा । मुम्बई से उडते समय और और चेन्नई मे उतरते समय फिर से बढिया नजारे देखने को मिले । ऐसा लगा कि हम विमान में नही बल्कि अपने कम्पयूटर की खिडकी पर बैठे हैं और गूगल अर्थ देख रहे हैं ।

गो एयर वालो की सस्ती फलाइट की वजह से हमें दिल्ली से मुम्बई , मुम्बई से चेन्नई और चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर जाना था । दिल्ली से मुम्बई की उडान के बाद चार घंटे से भी ज्यादा समय के बाद चेन्नई के लिये दूसरी उडान मिली जो कि मुम्बई से चेन्नई तक केवल एक घंटा 40 मिनट ही लेती है पर चेन्नई एयरपोर्ट पर 30 मिनट बाद इसी उडान से हमें पोर्ट ब्लेयर तक जाना था इसलिये हमें उतरने ही नही दिया गया । 30 मिनट बाद प्लेन ने दोबारा उडान भरनी थी और दो घंटे का सफर और बाकी था अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिये । इस पोस्ट में आपके लिये मुम्बई और चेन्नई शहर के हवाई नजारे और बीच के कुछ फोटो जो कि प्लेन की विंडो से लिये गये हैं वो हैं । आप देखकर बताईये कि कैसे हैं ?

mumbai ariel view

mumbai ariel view

mumbai ariel view

mumbai ariel view

mumbai ariel view

mumbai ariel view

चेन्नई शहर , दक्षिण भारत का एक प्रमुख शहर है । मुम्बई से चेन्नई की यात्रा हमारे प्लेन को एक घंटा चालीस मिनट में तय करनी थी । किसी भी शहर से उडने के बाद बादलो का नजारा तो बढिया लगता है पर जब शहर के एयरपोर्ट पर उतरने वाले होते हैं तो अलग ही आनंद आता है । किसी भी शहर को प्लेन से देखने का अपना ही एक अलग मजा है ।

किसी शहर के बारे में सही राय बनानी हो तो उसे प्लेन से जरूर देखना चाहिये । खास तौर पर समुद्र किनारे वाले शहरो में बीच और अन्य जगहो को देखने पर ही एक अलग बात है । मै चेन्नई पहले भी जा चुका हूं और इसी शहर के प्रसिद्ध मरीना बीच को प्लेन से देखना एक अलग ही अनुभव था । जिस बीच पर हम सारी जगह को पैदल भी घूम नही पाये थे उसे एक झटके में देख लिया । बहुत ही सुंदर नजारा था वो ।

mumbai to chennai flight

mumbai to chennai flight

mumbai to chennai flight

mumbai to chennai flight

mumbai to chennai flight

mumbai to chennai flight

mumbai to chennai flight





COMMENTS

नाम

अंडमान निकोबार,10,Andaman and nikobar,10,Port Blair,2,Rangat,1,Travel guide,1,
ltr
item
Roaming around : Andaman and Nikobar trip
Andaman and Nikobar trip
https://1.bp.blogspot.com/-jgP7Q6Mgfug/Xt5KEDZXKrI/AAAAAAABekA/4sLus0vsOh4jlxisx3fdn1RwgiWZLPvCgCK4BGAsYHg/d/andaman%2Band%2Bnikobar%2Bbeaches.JPG
https://1.bp.blogspot.com/-jgP7Q6Mgfug/Xt5KEDZXKrI/AAAAAAABekA/4sLus0vsOh4jlxisx3fdn1RwgiWZLPvCgCK4BGAsYHg/s72-c-d/andaman%2Band%2Bnikobar%2Bbeaches.JPG
Roaming around
https://www.roamingaround.in/2020/06/andaman.html
https://www.roamingaround.in/
https://www.roamingaround.in/
https://www.roamingaround.in/2020/06/andaman.html
true
2149940506185352508
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS PREMIUM CONTENT IS LOCKED STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy Table of Content